Monday, June 18, 2012

एक खुला पत्र - राष्ट्रपति चुनाव व पूर्व राष्‍ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम!

महोदय कलाम,


में इस पत्र के माध्यम से आपको संबोधित करना चाहूँगा! कृपया एक सैनिक, एक स्माजसेवी, एक देशभक्त क तरह चुनौती को साविकारिये, भारत माँ  की सेवा कीजिए! यह वक़्त ओर यह अवसर किसी किसी विरले कर्मयोगी को ही मिलता है, जी हाँ, अब तक अधिकतर राष्ट्रपति किस्मत  से ही बने है कर्म से नही!

आप पर हर भारतवासी को विश्वास है चाहे वो नेता हो या अभिनेता, सैनिक हो या अफ़सरशाह, नागरिक हो या विदेशी! आप किसी भी प्रचार माध्यम, चाहे वो बिका हो या निष्पक्ष आप हर POLL मे प्रथम पसंद है! हम जनता आपसे निवेदन करते है की आप हमारी आवाज़ सुनिए ना की हमारे चुने हुए पर अपने पार्टी प्रमुख के आगे छूके हुए मौकापरस्त मुठिभर लोगो की! देश को देखने दीजिए की देश की आवाज़ जो कैसे कुचलकर ये राजनैतिक प्रमुख कैसे अपनी रोटिया सेंक रहे हैं! आप ये राजनीति छोड़ दीजिए के अगर आप को 60% का आश्वासन मिलेगा तभी आप खड़े होंगे!  कृपया आप राजनीति ना कीजिए, यह चुनाव महज एक चुनोती है आपके लिए ओर हमारे लिये! ना आप कभी हारेंगे ना हम! 

ये हारजीत तो हमारी राज्नेतिक व्यवस्था की होनी है की - जीतेगा कौन - भ्रष्‍ट राजनेती या देशभक्त राजनेती?

No comments: