बहुत प्रयासो के बाद भी ये समझ पाया की अरविन्द जी कौन है ओर उसकी क्या उपलब्धियाँ है ताकि जो हमे ईमानदार व भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था देना चाहता है वो है कौन? इधर उधर टटोलने के बाद कुछ निम्नलिखित जानकर मिली हैं!
1. मेगासय पुरस्कृत उभरते नेतर्तव के लिये - यहाँ यह बताना महत्वपूर्ण है की इन्हे जो पुरस्कार मिला वो सन 2000 मे स्थापित किया गया ओर उसकी पुरस्कार राशि फ़ोर्ड फाउंडेशन देता है - http://en.wikipedia.org/wiki/Ford_Foundation | निश्चित रूप से यह पुरस्कार संदेह के घेरे मे है क्योंकि इस पुरस्कार से पहले अरविन्द जी को कोई जानता नही था, ओर जिस श्रेणी के लिये उन्हे ये पुरस्कृत किया गया!
2. RTI > कुछ मित्रगण उन्हे इसको लाने का श्रेय देते हैं जबकि वास्तविकता यह है की इसे 2003 मे NDA शासन पहले ही ले आया था http://blogs.economictimes.indiatimes.com/randomaccess/entry/rti-rte-delhi-metro-cong-taking-credit-for-bjp-s-ideas
3. ईमानदार > ईमानदारी की परिभाषा व्यक्तिगत होती है और हर आदमी ईमानदार होता है जबतक की वो बेईमान सिद्ध ना हो जाये! अरविन्द जी का भूत अपने आप मे ही विचित्र है ओर इसकी जानकारी उपलब्ध नही है!
(क)किन्तु अगर उनके तत्कालीन भूत को देंखे तो पायेंगे की उनपर IAC के अनुदानो की हेराफेरी मे संदेहात्मक पाया जाता है!
अरविन्द जी ने खुद कहा है की वो अन्ना को 1 करोड़ का भुगतान देने गयी थे पर अन्ना ने मना कर दिया क्योंकि अन्ना के मन मे संदेह था की अनुदान इस रकम से अधिक था!
(ख) नैतिक हेराफेरी > 6 लाख से अधिक लोगो की पसंद वाले फ़ेसबुक पेज IAC को शासन (कांग्रेस) से गठजोड़ कर अपने पेज FWAC मे अनेतिक रूप से कब्जा लिया जिसे बाद मे IAC के लोगो ने न्यायालय मे ले जाने पर फेसबूक व अरविन्द जी ने असली स्वामित्व को लौटा दिया! - http://www.business-standard.com/article/economy-policy/india-against-corruption-assets-caught-in-tug-of-war-112092203017_1.html
(ग) राज्नेतिक हेराफेरी > अरविन्द जी आयकर विभाग के जानकर उच्च श्रेणी पर थे उन्हे विदेशो से धन प्राप्ति के बारे मे जानकारी थी फिर भी उन्होने राज्नेतिक लाभ के लिया विदेशो मे बसे लोगो को मूर्ख बनाया! http://fcra.ozg.in/2011/08/fcra-2010-foreign-contribution.html - प्रशन संख्या 9 - उत्तर संख्या E
4. क्रमढ़ व त्यागी > बहुत छानबीन के बाद भी अभी तक एक भी ऐसा कर्मश्री का कर्म दिखाई नही दिया जिसे उन्होने न्यायसंगत तरीके से परिपूर्ण किया हो - कितनी NGOs खोली ओर बंद की इसका कोई तर्कसंगत कारण दिखाई नही देता ये संस्थाएं क्या करती थी उसकी कोई प्रमाणिक जानकारी नही है! IT मे पारदर्शिता से लेकर IAC तक अरविन्द जी किसी भी काम को पूर्ण नही कर पाये हर काम को किसी नये काम के लिये त्याग दिया! बहुत से लोग एह भी मानते है की अरविन्द जी ने आयकर विभाग मे एक मोटी कमाई वाला आसन रास्ता छोड़ एक कठिन मार्ग चुना!
परन्तु वास्तविकता यह है की आज अरविन्द अधिक नाम व धनसंपदा के स्वामी हैं, मुझे उनकी नियत पर संदेह नही है पर जो उन्होने खोया उससे कहीं अधिक वो पा रहे हैं, उदाहरण के लिये जिन्दल, सिंधिया व कई ओर राजवंशी राजनेति मे हैं जिनकी प्रतिष्ठा व धन पहले से हीं उनपर थी अरविन्द जी के पास ऐसे कुछ नही था - एक लेख जो मैने पहेले लिखा था - http://tadviddhi.blogspot.in/2011/11/blog-post_17.html
अरविन्द जी IITian हैं - यह ना तो किसी की नियत का या बुद्धि का कोई मापदंड है ओर ना ही तर्कसंगत; आप को शायद आपको पता हो की श्री श्री रविशंकर के पास 100 से ज्यादा IITian अपनी सेवा प्रदान करते हैं ओर उन्हे हम जानते भी नहीं हैं! http://www.artofliving.org/in-en/interaction-dinesh-ghodke
अरविन्द जी बहुत से बाते कथित रूप से करते हैं ओर उन कथित बातो से एक भ्रम् पैदा करते है जैसे की वो ईमानदार है बाकी सब बेईमान! उदाहरण स्वरूप येद्दूरप्पा पर उन्होने भरपूर वार किये परन्तु न्यायालय ने प्राथमिक दृष्टि मे उन्हे दोष रहित माना व जमानत दे दी - "However in March 2012,the High Court of Karnataka quashed the FIR registered against him regarding the Mining scam. A division bench of high court of Karnataka passed the order stating that "Suspicion cannot be a ground to tarnish the image and reputation of a person who is holding a Constitutional post." - http://en.wikipedia.org/wiki/B._S._Yeddyurappa
इसी तरह उन्होने गडकरी के विरुध विशुध हवा मे आरोप लगाये परन्तु एक वर्ष से अधिक समय हो गया ना ही आयकर विभाग ना ही कोई ओर शासनिक विभाग उनपर लगे आरोप सिद्ध कर पाया है! यह सब अगर जानकारो की माने तो शासन की और से अरविन्द जी की सहायता से रचा गया एक षड्यंत्र था जिसे जांच BJP ने स्वयं ही करवा ली थी - http://www.rediff.com/news/column/the-strange-case-of-gadkari-and-why-gurumurthy-mattered/20121108.htm
चलिये मान लेते हैं की अरविन्द जी मे भी सभी व्यक्तियों की तरह खामियां हो सकती हैं पर आप पार्टी एक विचारधारा है जो हमे भ्रष्टाचार मुक्त शासन देगी!
चलिये मान लेते हैं की अरविन्द जी मे भी सभी व्यक्तियों की तरह खामियां हो सकती हैं पर आप पार्टी एक विचारधारा है जो हमे भ्रष्टाचार मुक्त शासन देगी!
1. आप की औपचारिक घोषणा 2 अक्टूबर को हुई ओर 29 नवम्बर, 2012 को बनी, इसके बनाने से पहले आइये देखिएँ की 30 सितंबर की मध्यरात्रि मे कथित रूप से क्या हुआ -
2. आप की अंतरिम टीम - कृपया जाने की कोशिश कीजिये कितने नाम ऐसे हैं जिनका किसी भी सकरात्मक रूप मे आप परिचय दे सकते हैं एक नाम तो खासा परेशान करता है जिसे देशद्रोह की लिये न्यायालय दोषी ठहरा चुका है वो हैं श्री बिनायक सेन - http://internal.aamaadmiparty.org/MeetTheTeam.aspx
3. आप भिन्न है > आप ने राज्नेतिक उदेशयों के लिये अनेतिक हथकंडे आपनाए! दिल्ली की 16 दिसंबर की अशोभनीय घटना का राजनेटिक करण किया और दिल्ली शासन को प्रताडित किया; एक साक्षात्कार मे अरविन्द जी ने माना की दिल्ली मे सुरक्षा (महिलानों को भी) नही दे पायेंगे क्योंकि पुलिस केन्द्र का आधीन काम करती है -
(in next with reference to this interview where Arvind referred Yogendra Yadav survey)
4. आप भिन्न है > आप ने योगेन्द्र यादव के सहयोग से कॉंग्रेसी से आप के पक्ष में सर्वे कराया - http://www.webnewswire.com/node/3545238
1. मेगासय पुरस्कृत उभरते नेतर्तव के लिये - यहाँ यह बताना महत्वपूर्ण है की इन्हे जो पुरस्कार मिला वो सन 2000 मे स्थापित किया गया ओर उसकी पुरस्कार राशि फ़ोर्ड फाउंडेशन देता है - http://en.wikipedia.org/wiki/Ford_Foundation | निश्चित रूप से यह पुरस्कार संदेह के घेरे मे है क्योंकि इस पुरस्कार से पहले अरविन्द जी को कोई जानता नही था, ओर जिस श्रेणी के लिये उन्हे ये पुरस्कृत किया गया!
2. RTI > कुछ मित्रगण उन्हे इसको लाने का श्रेय देते हैं जबकि वास्तविकता यह है की इसे 2003 मे NDA शासन पहले ही ले आया था http://blogs.economictimes.indiatimes.com/randomaccess/entry/rti-rte-delhi-metro-cong-taking-credit-for-bjp-s-ideas
3. ईमानदार > ईमानदारी की परिभाषा व्यक्तिगत होती है और हर आदमी ईमानदार होता है जबतक की वो बेईमान सिद्ध ना हो जाये! अरविन्द जी का भूत अपने आप मे ही विचित्र है ओर इसकी जानकारी उपलब्ध नही है!
(क)किन्तु अगर उनके तत्कालीन भूत को देंखे तो पायेंगे की उनपर IAC के अनुदानो की हेराफेरी मे संदेहात्मक पाया जाता है!
(ख) नैतिक हेराफेरी > 6 लाख से अधिक लोगो की पसंद वाले फ़ेसबुक पेज IAC को शासन (कांग्रेस) से गठजोड़ कर अपने पेज FWAC मे अनेतिक रूप से कब्जा लिया जिसे बाद मे IAC के लोगो ने न्यायालय मे ले जाने पर फेसबूक व अरविन्द जी ने असली स्वामित्व को लौटा दिया! - http://www.business-standard.com/article/economy-policy/india-against-corruption-assets-caught-in-tug-of-war-112092203017_1.html
(ग) राज्नेतिक हेराफेरी > अरविन्द जी आयकर विभाग के जानकर उच्च श्रेणी पर थे उन्हे विदेशो से धन प्राप्ति के बारे मे जानकारी थी फिर भी उन्होने राज्नेतिक लाभ के लिया विदेशो मे बसे लोगो को मूर्ख बनाया! http://fcra.ozg.in/2011/08/fcra-2010-foreign-contribution.html - प्रशन संख्या 9 - उत्तर संख्या E
4. क्रमढ़ व त्यागी > बहुत छानबीन के बाद भी अभी तक एक भी ऐसा कर्मश्री का कर्म दिखाई नही दिया जिसे उन्होने न्यायसंगत तरीके से परिपूर्ण किया हो - कितनी NGOs खोली ओर बंद की इसका कोई तर्कसंगत कारण दिखाई नही देता ये संस्थाएं क्या करती थी उसकी कोई प्रमाणिक जानकारी नही है! IT मे पारदर्शिता से लेकर IAC तक अरविन्द जी किसी भी काम को पूर्ण नही कर पाये हर काम को किसी नये काम के लिये त्याग दिया! बहुत से लोग एह भी मानते है की अरविन्द जी ने आयकर विभाग मे एक मोटी कमाई वाला आसन रास्ता छोड़ एक कठिन मार्ग चुना!
परन्तु वास्तविकता यह है की आज अरविन्द अधिक नाम व धनसंपदा के स्वामी हैं, मुझे उनकी नियत पर संदेह नही है पर जो उन्होने खोया उससे कहीं अधिक वो पा रहे हैं, उदाहरण के लिये जिन्दल, सिंधिया व कई ओर राजवंशी राजनेति मे हैं जिनकी प्रतिष्ठा व धन पहले से हीं उनपर थी अरविन्द जी के पास ऐसे कुछ नही था - एक लेख जो मैने पहेले लिखा था - http://tadviddhi.blogspot.in/2011/11/blog-post_17.html
अरविन्द जी IITian हैं - यह ना तो किसी की नियत का या बुद्धि का कोई मापदंड है ओर ना ही तर्कसंगत; आप को शायद आपको पता हो की श्री श्री रविशंकर के पास 100 से ज्यादा IITian अपनी सेवा प्रदान करते हैं ओर उन्हे हम जानते भी नहीं हैं! http://www.artofliving.org/in-en/interaction-dinesh-ghodke
अरविन्द जी बहुत से बाते कथित रूप से करते हैं ओर उन कथित बातो से एक भ्रम् पैदा करते है जैसे की वो ईमानदार है बाकी सब बेईमान! उदाहरण स्वरूप येद्दूरप्पा पर उन्होने भरपूर वार किये परन्तु न्यायालय ने प्राथमिक दृष्टि मे उन्हे दोष रहित माना व जमानत दे दी - "However in March 2012,the High Court of Karnataka quashed the FIR registered against him regarding the Mining scam. A division bench of high court of Karnataka passed the order stating that "Suspicion cannot be a ground to tarnish the image and reputation of a person who is holding a Constitutional post." - http://en.wikipedia.org/wiki/B._S._Yeddyurappa
इसी तरह उन्होने गडकरी के विरुध विशुध हवा मे आरोप लगाये परन्तु एक वर्ष से अधिक समय हो गया ना ही आयकर विभाग ना ही कोई ओर शासनिक विभाग उनपर लगे आरोप सिद्ध कर पाया है! यह सब अगर जानकारो की माने तो शासन की और से अरविन्द जी की सहायता से रचा गया एक षड्यंत्र था जिसे जांच BJP ने स्वयं ही करवा ली थी - http://www.rediff.com/news/column/the-strange-case-of-gadkari-and-why-gurumurthy-mattered/20121108.htm
चलिये मान लेते हैं की अरविन्द जी मे भी सभी व्यक्तियों की तरह खामियां हो सकती हैं पर आप पार्टी एक विचारधारा है जो हमे भ्रष्टाचार मुक्त शासन देगी!
चलिये मान लेते हैं की अरविन्द जी मे भी सभी व्यक्तियों की तरह खामियां हो सकती हैं पर आप पार्टी एक विचारधारा है जो हमे भ्रष्टाचार मुक्त शासन देगी!
1. आप की औपचारिक घोषणा 2 अक्टूबर को हुई ओर 29 नवम्बर, 2012 को बनी, इसके बनाने से पहले आइये देखिएँ की 30 सितंबर की मध्यरात्रि मे कथित रूप से क्या हुआ -
2. आप की अंतरिम टीम - कृपया जाने की कोशिश कीजिये कितने नाम ऐसे हैं जिनका किसी भी सकरात्मक रूप मे आप परिचय दे सकते हैं एक नाम तो खासा परेशान करता है जिसे देशद्रोह की लिये न्यायालय दोषी ठहरा चुका है वो हैं श्री बिनायक सेन - http://internal.aamaadmiparty.org/MeetTheTeam.aspx
4. आप भिन्न है > आप ने योगेन्द्र यादव के सहयोग से कॉंग्रेसी से आप के पक्ष में सर्वे कराया - http://www.webnewswire.com/node/3545238

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