Wednesday, November 9, 2011

प्रयास

आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे, मरने से पहले जीने का एहसास करे
याद है वो पल बोल ना पाते थे, कैसा अह्सहाय अपने आप को पाते थे
गर वो प्रयास ना करते, उँगली पकड़कर साथ चलकर जो ना चलते
तुतलाकर गर ना शब्दो का जाल रचते, कैसे चलता कैसे  बोलता एहसास करे
कोई जादू नही, यह सिर्फ़ एक प्रयास है, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
सूरज की जब कडक धूप पानी को वाषपित कर दूर गगन मे ले जाती है
ओर बदरी अपने दामन मे पानी को समेट को कर पहाढो से टकराती है
कितने अथक अनगिनत संयुक्त प्रयासो से वो रिमझिम बारिश आती है
वो अनगिनत संयुक्त प्रयास नव जीवन  सृष्टि को उपहार मे दे जाती है
हर एक नया जीवन् एक प्रयास है, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
शत्रु तो लाख है इस पावन भूमि के, कोई एक सैनिक सा प्रयास तो करे
म्र्त तो सब शरीर है इस मरघट मे, कोई एक सावत्री सा त्याग तो करे
मूक सहमति सबकी है भ्रष्टाचार मे, कोई एक स्वामी सा आभास तो करे
सफलता कोई राज न्ही, एक प्रयास है, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
ताकत कितनी भी हो भूखा बाघ भी रह जाता है, जब एक भेड़ लड़ती है
प्रयास करने पर तो एक अदना चींटी भी अपने से 40 गुना बोझ सहती है
मत बंट जाओ मजहबो मंसूबो जातियो राज्यो विचारो मे, क़ि ये राजनीति है
नदी से कल कल बहते जाओ तुम की इसी मे निस्वार्थ जीवन की उत्पति है
बहना, कोई  स्वार्थ नही एक प्रयास है, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
गर तुम ही हार जाओगे अपनी इस पावन भूमि को तिब्बत बनता पाओगे
गर जो तुम प्रयास करोगे तो लाहोर जीतकर फिर उसे दान मे दे आओगे
आवाज़ नही  उठाओ गे, फिर विदेशियों को ही अपना खजाना लूटता पाओगे
जो हिम्मत करोगे तो विदेशो मे भी लक्ष्मी नारायण मित्तल सा कहलाओगे
यथार्थ केवल किस्मत नही प्रयास है, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
एक अकेले बाद्ल के प्रयास से बारिश का ओर फिर नवजीवन असंभव
भेड़ के एकमात्र प्रयास से उसका जीवन् संरक्षित हो ये सिर्फ़ एक भ्रम
एक अकेला संघषँ करे ऐसा भग्रिथ अब कहाँ जो गंगा का पावन करे संभव
हारना तेरी किस्मत नही जो तू ढान ले, आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे!
आओ मिलकर एक ओर प्रयास करे, मरने से पहले जीने का एहसास करे

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